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सर्वशक्तीमान परमेश्वर को क्या कोई लात मार सकता हैँ...?





तो विष्णुजी परमेश्वर कैसे हुये...





आप को जानकर हैराणी होगी की आप जिन विष्णुजी को सर्वशक्तिमान परमेश्वर समझ बैठे है...

वे जब वैंकुठ मेँ निवास कर रहे थे तब भृगु ऋषी ने विष्णुजी के सिनेपर कस कर लात मारी,

यह कथा श्रीमद्भागवत मेँ हमेँ सुनने मेँ मिलती हैँ...




[श्रीमद्भागवत महापुराण, दशम स्कन्ध उत्तरार्ध, अध्याय 89, श्लोक -7 से 12]


एक तरफ विष्णुजी का कहना की मुझे आपके आने का पता ही नहीँ था...

तथा दुसरी तरफ भगवान श्रीकृष्ण कुछ अलग ही कहते नजर आते हैँ, भगवान कहते हैँ की


न मे विदुः सुरगणाः प्रभवं न महर्षयः । अहमादिर्हि देवानां महर्षीणां च सर्वशः ॥


[गिता 10-2]


अर्थात... हे अर्जुन ! मेरी उत्पत्ति को अर्थात्‌ लीला से प्रकट होने को न देवता लोग जानते हैं और न महर्षिजन ही जानते हैं, क्योंकि मैं सब प्रकार से देवताओं का और महर्षियों का भी आदिकारण हूँ



स्पष्ट हैँ कितना विरोधाभास हैँ ?

एक तरफ विष्णुजी को यह तक पता नहीँ रहता की उनके धाम वैँकुठ मेँ कौन आने वाला हैँ । तथा एक साधारण मनुष्य लात मार देता हैँ...

और भगवान श्रीकृष्ण कहते हैँ की मैँ महर्षीयोँका भी आदीकारण हुँ, और पिछले प्रमाण मेँ आपने पढा होगा के to be cuntinued.