(3) द्वापार युग



(3) द्वापार युग



काल मर्यादा :- आठ लक्ष (8 लाख) वर्ष, [8,00,000 वर्ष]

धर्म का आचरण :-

याग (यज्ञ) करना,

अधर्म का आचरण :-

तिर्थ, क्षेत्र, व्रत, दान,

धर्म के आचरण का फल :-

स्वर्ग प्राप्ति फल,

अधर्म के आचरण का फल :-

कलि युग मेँ जन्म,

आयुष्य मर्यादा :- एक सहस्र (1 हजार) वर्ष, [1,000 वर्ष]

परमेश्वर अवतार :-

श्रीकृष्ण अवतार

चतुर्युगी अवतार श्रीदत्तात्रेय विद्यमान,

देवता अवतार :-

(1) वामन अवतार :- विश्वरुप विराट परम् विष्णुजी ने लिया, और राक्षसो के राजा 'बली' को पाताल मेँ धकेल दिया।

(2) बलराम :- 'चैतन' नामक देवता का अवतार,

(3) हनुमान अवतार विद्यमान,

(4) परशुराम अवतार विद्यमान,

आगे...... कलि युग ...