48

फिर कभी नहीं हो सकती मुहब्बत सुना तुमने !!! वो शख्स भी एक था और मेरा दिल भी एक । ******* गहरी बातें समझने के लिए गहरा होना जरुरी है,,, और गहरा वही हो सकता है जिसने गहरी चोटें खायी हो.. ******* “दुनियादारी से रूबरू हुआ तो पता चला…जिस्म में ज़मीर का होना…इतना ज़रूरी नही…जितना जेब में रूपया होना…!!!” *******तुम पुछो और मैं ना बताऊँ, अभी ऐसे हालात नहीं…… बस एक छोटा सा दिल टुटा है,और कोई बात नहीं ……….!! ******* तुम आए थे, पता लगा…सुन कर, अच्छा भी लगा…पर गेरों से पता चला,बेहद बुरा लगा….!! ******* सीख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर के रिवाज, जिससे मतलब निकल जाए उसे जिंदगी से निकाल देना… ******* कभी जिन्दगी का ये हुनर भी आजमाना चाहिए, जब अपनों से जंग हो, तो हार जाना चाहिए ******* “यकीनन” मुझे आज भी इश्क है तुमसे। बस अब बयाँ करने की आदत नही रही। *******दो अक्षर की “मौत” और तीन अक्षर के “जीवन” में ढाई अक्षर का “प्रेम” बाज़ी मार जाता हैं.. ******” घबरा के आसमान की तरफ देखते हैं लोग.. जैसे खुदा ज़मीन पर मौजूद ही न हो…” *******बस ज़रा स्वाद में कड़वा है,. नहीं तो “सच” का कोई जवाब नहीं…। *******जिंदगी को इतना सिरियस लेने की जरूरत नही यारों, यहाँ से जिन्दा बचकर कोई नही जायेगा! *******“हुनर” सड़कों पर तमाशा करता है और “किस्मत” महलों में राज करती है!! *******ऐ जिंदगी तू सच में बहुत ख़ूबसूरत है, फिर भी तू, उसके बिना अच्छी नहीँ लगती… *******उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको! खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको! हम तो कुछ देने के काबिल नहीं है! देने वाला हज़ार खुशिया दे आपको! *******“पैसा” इंसान को ऊपर ले जा सकता है, लेकिन इंसान पैसे को “ऊपर” नहीं ले जा सकता… *******चलो नींद के दफ्तर में हाज़िरी लगा आते हैं, वो सपनो में आये तो ओवर टाइम भी कर लेंगे…। *******फितरत, सोच और हालात में फर्क है, वरना,इन्सान कैसा भी हो दिल का बुरा नही होता… *******चैन से रहने का हमको यूं मशवरा मत दीजिये, अब मज़ा देने लगी हैं ज़िंदगी की मुश्किलें…!! *******मंज़िलों से गुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग, हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता”. *******“तू तो हँस हँसकर जी रही है, जुदा होकर भी.., कैसे जी पाया होगा वो, जिसने तेरे सिवा जिन्दगी कभी सोची ही नहीं..” *******नाकामयाब मोहब्बत ही सच्ची होती है !! कामयाब होने के बाद मोहब्बत नहीं बचती !! *******उदास रहता है मोहल्ले की बारिशों का पानी आजकल, सुना है कागज की नाव बनाने वाले बच्चे , अब बड़े हो गये है… *******ना शौक दीदार का… ना फिक्र जुदाई की, बड़े खुश नसीब हैँ वो लोग जो…मोहब्बत नहीँ करतेँ… *******बचपन से लेकर आज तक सिर्फ अच्छे काम हि किये , बस गलती से इश्क हो गया… *******बेशर्म हो गयी हैं ये ख्वाहिशें मेरी… मैं अब बिना किसी बहाने के तुम्हे याद करने लगा हूँ … *******जो हैरान हैं मेरे सब्र पर उनसे कह दो, जो आसूँ जमीं पर नहीं गिरते, दिल चीर जाते हैं…!!! *******तुम पुछो और मैं ना बताऊँ, अभी ऐसे हालात नहीं…… बस एक छोटा सा दिल टुटा है,और कोई बात नहीं ……….!! ******* तुम आए थे, पता लगा…सुन कर, अच्छा भी लगा…पर गेरों से पता चला,बेहद बुरा लगा….!! ******* सीख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर के रिवाज, जिससे मतलब निकल जाए उसे जिंदगी से निकाल देना… ******* कभी जिन्दगी का ये हुनर भी आजमाना चाहिए, जब अपनों से जंग हो, तो हार जाना चाहिए *******फट गयी है कमीज रिश्ते की ग़लतफ़हमियों की कील में फंस के, सोचता हूँ माफ़ी के धागे से सी दूंगा कभी… *******हार जाउँगा मुकदमा उस अदालत में, ये मुझे यकीन था.. जहाँ वक्त बन बैठा जज और नसीब मेरा वकील था… *******सिमटते जा रहें हैं दिल और ज़ज्बात के रिश्ते….. सौदा करने मे जो माहिर है, बस वही धनवान है…..!!! *******कोई इज्जत ढकता है फटे चिथड़ों से ग़ालिब… कोई नंगा हो के महफिले लूट लेता है….. *******बेशक तुम्हारे बिना जिन्दगी काट सकता हूँ… . . जिन्दगी जी नहीं सकता… *******शाख़ से तोड़े गए फूल ने हंस कर ये कहा, अच्छा होना भी बुरी बात है इस दुनिया में. *******मुझमे खामिया बहोद सी होंगी मगर एक खूबी भी है मै कीसीसे रिश्ता मतलब के लीये नहीं रखता… *******सोचता हूँ धोखे से ज़हर दे दूँ.. सभी ख्वाहिशों को दावत पे बुला कर.. *******तक़दीर का ही खेल है सब, पर ख़्वाहिशें है की समझती ही नहीं….. *******जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से….. एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है.. *******अपने शब्दों में ताकत डालें आवाज में नहीं. बारिश से फूल उगते हैं, तूफ़ान से नहीं…. *******“आज फिर किसी ने ये अहसास दिला दिया कि, ज़िस्म मे ज़मीर का होना उतना ज़रूरी नही जितना कि ज़ेब मे रुपयों का होना…” *******दुश्मन भी हमारी हालत पै हस कर बाेला, जिसका हम कुछ ना कर पाये, उसका माैहबबत ने क्या हाल कर दीया…!!! *******क्या किस्मत पाई है रोटीयो ने भी निवाला बनकर, रहिसो ने आधी फेंक दी, गरीब ने आधी में जिंदगी गुज़ार दी!! *******मैँ कैसा हूँ’ ये कोई नहीँ जानता, मै कैसा नहीँ हूँ’ ये तो शहर का हर शख्स बता सकता है… *******सब कुछ हासिल नहीं होता है जिंदगी में.. किसी का काश और किसी का अगर रह ही जाता है… ******* जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में, उनकी यादें कसम से कमाल की होती हैं.. *******सब कुछ हासिल नहीं होता है जिंदगी में.. किसी का काश और किसी का अगर रह ही जाता है… ******* जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में, उनकी यादें कसम से कमाल की होती हैं.. *******उसने कहा क्या चल रहा है आजकल हमने भी कह दिया “सिर्फ साँसे”! *******क़ुर्बान हो जाऊं मुस्कराहट पे तुम्हारे, या इसे देखकर जीने का एक बहाना ढूंढ लूं… *******” निंदा ” तो उसी की होती है जो ” ज़िंदा ” है, मरे हुए की तो बस तारीफ ही होती है । ******* ऊसकी बोहोत याद आ रहि है…. दोस्तो दुवा करो मेरी याददास्त चली जाए….. *******