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जब शीशे की अलमारी में रख कर जूते बेचें जाऐं और किताबें फुटपाथ पर बिकती हों…तो समझलो कि दुनिया को ज्ञान की नहीं जूतों की जरूरत है…!!! *******बहुत रोई होगी वो खाली कागज देखकर, खत मेपूँछा था उसने जिंदगी कैसे बीत रही है…!!!! *******काश में लोट जाऊ उन बचपन की गलियों में …. जहा ना कोई जरुरत थी ..और ना ही कोई जरुरी था ….. *******काश न्यूटन के सर में पेड़ से सेब नहीं किसी का टूटा दिल गिरा होता, तो आज फिजिक्स की हर किताब में एक चैप्टर इश्क का भी होता.**हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं , कभी किस्मत से टूट जाते हैं , कभी लोग तोड़ जाते हैं. *******तुम सो जाओ अपनी दुनिया में आराम से, मेरा अभी इस रात से कुछ हिसाब बाकी है *******समझ नही आती वफा करें तो किस सें करें ! मिट्टी सें बने ये लोग कागज के टुकड़ो पे बिक जाते है *******हम अल्फाजो से खेलते रह गए, और वो दिल से खेल के चली गईं .. ******* ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे… जिस दिन तुझे देखा, यकीन भी हो गया..!! *******जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!! *******अजीब सी थी वो, मुझे बदल कर खुद बदल गई *******किसी ने ऑखो में धूल क्या झोंकी पहले से बेहतर दिखने लगा…. ******* वक़्त बीतने के बाद अक़्सर ये अहसास होता है…! कि, जो छूट गया वो लम्हा ज्यादा बेहतर था…!! ******* फोटो को ‪Like‬ नही किया तो चलेगा लेकीन मुझे Like करके देख, तेरी जिंदगी खुशियो से भर दुंगा.. *******तुम्हारी याद के फुलो को मुरझाने नहीं देंगे… हमने अपनी आँखे रखी हैं उसे पानी देने के लिए..!!! *******जिंदगी.. कैसी गुज़र रही है, सभी पूछते हैं, कैसे गुजारता हूँ, कोई पूछता नहीं.. *******जो मुँह तक उड़ रही थी, अब लिपटी है पाँव से, बारिश क्या हुई मिट्टी की फितरत बदल गई…….. *******बहुत अमीर हो गया हूँ मैं यारो, गम ,दर्द ,दुःख सब है मेरे पास!! ********आज अजीब किस्सा देखा हमने खुदखुशी का, एक शख्स ने ज़िन्दगी से तंग आकर महोब्बत कर ली । *******आयेंगें हम याद तुम्हे इक बार फिर से ! जब अपने ही फैसलें तुम्हे सताने लगेंगे ! *******बना लो उसे अपना जो दिल से तुम्हे चाहता हे | खुदा की कसम ये चाहने वाले बड़ी मुश्किल से मिलते है… *******वक़्त के साथ रिश्ते भी बदल जाते हैं, शुक्रिया तुम्हारा तुमने बदल कर मुझे इस बात का यक़ीन दिला दिया..!! *******” तुम्हारा हर अंदाज अच्छा है , सिवाय नजर अंदाज करने के ” *******जिंदगी में एक दुसरे के जैसा होना ज़रूरी नही होता …… एक दुसरे के लिए होना ज़रुरी है..!!! *******ना तोल मेरी मोहब्बत अपनी दिल्लगी से, देखकर मेरी चाहत को अक्सर तराजु टुट जाते हैं… ******* दौलत के तराजू में तोलों तो फ़कीर हैं हम… दरियादिली में हम जैसा नवाब कोई नहीं…… *******तुम जिंदगी की वो कमी हो.. जो जिंदगी भर रहेगी.. *******टिकटें लेकर बैठें हैं मेरी ज़िन्दगी की कुछ लोग …. तमाशा भी भरपूर होना चाहिए… *******मालूम सबको है जिंदगी बेहाल है .. लोग फिर भी पूछते है क्या हाल है… *******हर शख्स मोहब्बत के काबिल नहीँ होता, और जो काबिल होता है वो ही हासिल नहीँ होता.. *******ऐ बारिश जरा खुलकर बरस, ये क्या तमाशा है….!! इतनी रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती है…!!!! ******* वो कहानी थी, चलती रही, मै किस्सा था, खत्म हुआ..!! ******* पसीना पोंछने की भी जिन्हें मोहलत नहीं मिलती ,, उन्ही के पेट को रोटी और सरों को छत नहीं मिलती…!! *******एक तो सुकुन और एक तुम.. कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही….? *******कभी फुर्सत में बैठकर सोचना तुम, एक ‘लापरवाह लड़का’ क्यों तेरी परवाह करता था? *******एक वो ही तो है ज़िन्दगी में मेरी वरना अज़नबियों से घिरा रहता हूँ मैं …!!हमारी खूबियाँ देखकर तो हमसे कोई भी प्यार कर ले,, सच्चा हमदर्द तो वही है जो हमारी खामियाँ जानते हुए भी हमारा साथ दे । *******हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की, और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की, शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है, क्या ज़रूरत थी, तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की !! *******मैं अपनी मुहब्बत का शिकवा तुमसे कैसे कँरु.. मुहब्बत तो हमने की हैं तुम तो बेकसूर हो..ये जो तुम हालचाल पूछते हो बड़ा मुश्किल सवाल पूछते हो:| *******लगता है मेरी नींद का किसी पराये के साथ चक्कर चल रहा है सारी सारी रात गायब रहती है.. ।। ******* झूठी तसल्लियों के सिवा कुछ ना दे सका, वो क़िस्मत का देवता भी शायद ग़रीब था… *******उसकों रब से इतनी बार मागा हें की अब हम सिर्फ हाथ उठाते हें तो सवाल फ़रिश्ते खुद ही लिख लेते हें *******किसी ने हमसे कहा इश्क़ धीमा ज़हर है… हमने मुस्कुराके कहा हमें भी जल्दी नहीं है… *******इश्क कहता है मुझे इक बार कर के देख, तुझे मौत से न मिलवा दिया तो मेरा नाम बदल देना.. *******अंदर से तो कब के मर चुके है हम ए मौत तू भी आजा, लोग सबूत मांगते है..!!!! *******वो बचपन के दिन भी क्या खूब थे जहाँ न दोस्त का मतलब पता था और न मतलब की दोस्ती…. *******देख ली न तुमने मेरे ऑसुओ की ताकत ll कल रात मेरी ऑखे नम थी ll आज तेरा सारा शहर भीगा हैं ll *******लोग चुराने लगे है status मेरे, गुजारिश है गम भी चुरा लो ! *******ये नज़र नज़र की बात है कि किसे क्या तलाश है; तू हँसने को बेताब है…. मुझे तेरी मुस्कुराहटों की प्यास है…. *******उदास ज़िन्दगी, उदास वक्त, उदास मौसम… न जाने कितनी चीज़ों पे इल्ज़ाम लग जाता है एक तेरे बात न करने से…. *******तू मुझसे दूरियाँ बढ़ाने का शौक पूरा कर … मेरी भी जिद है तुझे हर दुआ में मागुँगा *******

आदत बना ली मैंने खुद को तकलीफ देने की , ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो ज्यादा तकलीफ ना हो !! ******* “इंसान” एक दुकान है, और “जुबान”उसका ताला…!! जब ताला खुलता है, तभी मालुम पड़ता है… कि दूकान ‘सोने’ कि है, या ‘कोयले’ की…!! *******बे-बस कर दिया तू ने..!!! अपने बस में करके ..!!!! *******मीठी यादो के साथ गिर रहा था … पता नहीं क्यों.. फिर भी मेरा वह आंसू खारा था ! ******