42

आदमी अच्छा था…ये शब्द सुनने के लिए मरना पड़ता है…फायदा सबसे गिरी हुई चीज़ है,लोग उठाते ही रहते हैं।।“शब्द” चाहे जितने हो मेरे पास……जो तुम तक न पहुचे……सब “व्यर्थ” है……कैसे भूलेगी वो मेरी बरसोंकी चाहत को…,दरिया अगर सूख भी जाये तो रेत से नमी नहीं जाती…मोहबब॒त कब हो जाये ,किसे पता ……..हादसे  पूछ कर नही हुआ करते ………..!!!!!“वो मुझसे दूर रहकर खुश है,और मैं उसे खुश देखने के लिए दूर हूँ…मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में….बस हम गिनती उसी की करते है,जो हासिल ना हो सका….खोए हुए तो हम खुद है ,और देखो ना हम ढूंढने तुम्हें निकले है..मेरे लिए अहसास मायने रखता है….रिश्ते का नाम..चलो..! तुम रख लो..!!क्यूँ हर बात में कोसते हो तुम लोग नसीब को,क्या नसीब ने कहा था की मोहब्बत कर लो !!“तुझे तो मिल गये होंगे कई साथी नये लेकिन,मुझे हर मोड़ पऱ तेरी कमी महसूस होती है !!”आशियाने बनें भीतो कहाँ जनाब…जमीनें महँगी हो चली हैंऔर,दिल में लोग जगह नहीं देते..तेरे होंठो को देखा तो एक बात उठी जहन मेंवो लफ्ज़ कितने नशीले होंगे, जो इनसे होकर गुजरते है“मतलब” बहुत वजनदार होता है …!निकल जाने के बाद हर रिश्ते को हल्का कर देता है …!! आँखों ने तुझे देखा था,और दिल ने पसंद किया…बता,आँखे निकाल दूँ,,,या सीने से दिल..नहीं मिला मुजे कोई तुम जैसा आज तलक,पर ये सितम अलग है कि मिले तुम भी नहीं..! प्यार मे ताकत हैं दुनिया को झुकाने की ,,, वरना क्या जरूरत थी राम को झूठे बेर खाने की… आज अचानक कोई मुझसे लिपट कर बहुत रोया, कुछ देर बाद अहसास हुआ,ये तो मेरा ही साया है.. ज़िन्दगी में एक ऐसे इंसान का होना बहुत ज़रूरी है जिसको दिल का हाल बताने के लिए लफ़्ज़ों की जरुरत न पड़े कुछ रिश्तों के खत्म होने की वजह सिर्फ यह होती है कि.. एक कुछ बोल नहीं पाता,और दुसरा कुछ समझ ही नहीं पाता… कहो तो थोड़ा वक्त भेज दूँ..? सुना है तुझे फुर्सत नहीं मुझसे बात करने की.. मैं वहाँ जाकर भी मांग लूँगा तुझे,,, कोई बताये तो फैसले कुदरत के कहाँ होते है ! मेरे आँसूं उठा लेते है मेरे ग़मों का बोझ, ये वो दोस्त है जो अहसान जताया नहीं करते !! गुम अगर सूई भी हो जाए तो दिल दुखता है,, और हमने तो मुहब्बत में तुझे खोया था. इतनी दूरियां ना बढ़ाओ थोड़ा सा याद ही कर लिया करो… कहीं ऐसा ना हो कि तुम-बिन जीने की आदत सी हो जाए… कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैं.. तो कुछ पाने को प्यार कहते हैं, पर हकीक़त तो ये है हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैं. सिर्फ ख्वाब होते तो क्या बात होती… तुम तो ख्वाहिश बन बैठे…वो भी बेइंतहा… जरा सी बात से मतलब बदल जाते हैं, उंगली उठे तो बेइज्जती, और अंगूठा उठे तो तारीफ… कुछ पल का साथ देकर तुमने, पल पल का मोहताज बना दिया शब्द भी हार जाते हैं, कई बार जज्बातों से , कितना भी लिखो कुछ ना कुछ बाकी रह जाता है !

सूरज रोज़ अब भी बेफ़िज़ूल ही निकलता है …. तुम गए हो जब से , उजाला नहीं हुआ …. ******* मोहब्बत करने से फुरसत नहीं मिली यारो.. वरना हम करके बताते नफरत किसको कहते है| ******* “तेरे रोने से उन्हें कोई फर्क नही पड़ता ऐ दिल,,,,. जिनके चाहने वाले ज्यादा हो वो अक्सर बेदर्द हुआ करते हैं…।” ******* काश कोई तो पैमाना होता मुहब्बत को नापने का, तो शान से आते तेरे सामने सबूत के साथ…. ******* युँ तो मुद्दतेगुजार दी है हमने तेरे बगैर.. मगर आज भी तेरी यादों का एक झोंका मुझे टुकड़ो मे बिखेर देता है … ******* तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई, वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे.. ******* क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने जब माँगा उससे ज़िन्दगी का हिसाब; ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला, जाने दो, ‘मोहब्बत’ की है इसने। ******* उसकी जरूरत उसका इंतजार और अकेलापन.. थक कर मुस्कुरा देता हूँ, मैं जब रो नहीं पाता. ******* कुछ रिशते ऐसे होते हैं..जिनको जोड़ते जोड़ते इन्सान खुद टूट जाता है। मेरी ज़िन्दगी में एक ऐसा शक्श भी है,,, जो मेरी पूरी ज़िन्दगी है और मै उसका एक लम्हा भी नही… लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ; ऐ खुदा; एक तेरा ही दर है, जहा कभी “ताना” नहीं मिला! तेरे पास जो है उसकी क़द्र कर और सब्र कर दीवाने, यहाँ तो आसमां के पास भी खुद की जमीं नहीं है……।।। दुनिया सिर्फ नतीजो को इनाम देती है कोशिशो को नही.. ए खुदा अगर तेरे पेन की श्याही खत्म है तो मेरा लहू लेले, यू कहानिया अधूरी न लिखा कर.. चलो इस रिश्ते को बेनाम ही रहने दो, नाम वाले रिश्ते अक्सर निभाए नहीं जाते.. कुछ लोग दिल के इतने खुबसुरत होते हैं…. कि चाहे वो ना भी मिले पर… उम्र भर उन्हे चाहने को दिल करता है… घण्टों बैठकर जश्न करते हैं… मैं…दिल..और तेरी याद… कभी किसी को छला नही, इसलिये में चला नही… ******* प्यार तो अमर है , अमर ही रहेगा , मरेगा तो वो , जिसने किया है । देख ज़िन्दगी तू हमें रुलाना छोड दे, अगर हम खफा हूऐ तो तूझे छोड देंगे…

गहरी नींद सोने वाले मोहब्बत कर नही सकते, सुकून कहाँ है इतना मोहब्बत करने वालो को.. *******

काटो पर चलने वाला इंसान अपनी मंजिल पर जल्दी पहुँच जाता है ।क्योकी काटे पैरो की रफ्तार बढ़ा देते है । *******मौत आएं तो दिन बदले शायद,,,, जिंदगी ने तो मार ही डाला है… ******* एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये… मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गए.. कहाँ मिलता है कभी कोई समझने वाला , जो भी मिलता है समझा के चला जाता है … *******

कहाँ से लाऊ हुनर उसे मनाने का; कोई जवाब नहीं था उसके रूठ जाने का; मोहब्बत में सजा मुझे ही मिलनी थी; क्यूंकी जुर्म मैंने किया था उससे दिल लगाने का। ******* इन आँखों में आंसुओ की वजह चाहे जो भी हो ,, पर ज़िन्दगी में मुस्कुराने की वजह आप ही हे … ******* मेरी आँखों में आँसू नहीं बस कुछ “नमी” है? वजह तू नहीं तेरी ये “कमी” है.. खामोशियां ही बेहतर है शब्दों से लोग रूठते बहुत है। ना चाहते हुवे भी साथ छोड़ना पड़ा,, जनाब मज़बूरी मोहब्बत से ज्यादा ताकतवर होती है…