जब पता चला, श्रीरामको लक्ष्मण की चेतना वापस नहीँ आ सकती तो वो रोने लगे...


 


*प्रमाण तिसरा *


इंद्रजित ने छल करके लक्ष्मणजी को शक्तिबाण मारा तो लक्ष्मणजी मृर्छीत हो गये और श्रीरामको जब ये पता चला उनकी की चेतना वापस नहीँ आ सकती तो वो रोने लगे, जोर जोर से दुख करने लगे, और इधर भगवान श्रीकृष्ण ने कहा हैँ ।

अशोच्यानन्वशोचस्त्वं प्रज्ञावादांश्र्च भाषसे । गतासूनगतासूंश्र्च नानुशोचन्ति पण्डिता ॥ गिता अध्याय 2, श्लोक 11. Geeta Link

अर्थात हे अर्जुन, जो विवेकी ज्ञानी होते है वो जिनके प्राण गये है उनके लिये और जिनके प्राण नहीँ गये उनके लिये भी शोक नहीँ करते ।

इस से यहीँ प्रतीत होता है की दोनोँ अवतारोँ के विचारोँ मे कितना अंतर है । फिर भी आप आगे चलते रहिये

4 था प्रमाण अगले पेज पर...अगला पेज

Back Page

 

 

 

पेज :- 1 2 [3] 4 5 6