कुछ प्रश्न और उनके समाधान

क्या "राधा" या "रुख्मिणी" की भक्ती करने से श्रीकृष्ण की प्राप्ति होगी ?

"परमेश्वर भक्ती" और "देवता भक्ती" मेँ क्या अतंर है ?

"वैकुंठ" और 'श्रीकृष्ण' के "परमधाम" मेँ क्या अतंर है ?

अगर "श्रीविष्णु" और "श्रीकृष्ण" अलग अलग हैँ, तो भगवान ने गिता मेँ मैँ ही 'राम' या 'विष्णु' हुं ऐसा क्योँ कहा है ?

क्या "देवी-देवताओ" की संख्या असल मेँ 33 कोटी है ? या कुछ और ? तथा कौन से है उनके स्थान?

असल मेँ "विष्णु" कितने हैँ ? और कौनसे हैँ उनके स्थान ?

जानिये, पुराण प्रसिध्द दस अवतार किसने लिये ? और बाकी अवतार किसने लिये ?

जानिये, "भगवान श्रीकृष्ण" ने कौन से युग मेँ कौन सा अवतार लिया है ?

क्या साधु, संत या गुरुओ की पुजा या फिर उनकी समाधी पुजा उचित है ?

क्या परमेश्वर का अंश जिवात्मा है ? क्या इसांन ही परमेश्वर हैँ ?

क्या "गिता" के अनुसार हमेँ 'श्राद' करना चाहिये ?

क्या "गिता' के अनुसार "मासाहांर" का सेवन करना उचित है ?

क्या "गिता" के अनुसार कीसी भी 'जानवर', 'जिव', या 'पेडोपौधे' को मारना उचित है ।

"गिता" के किन वचनोँ का पालन करने से हम सच्चे "श्रीकृष्ण भक्त" बन पायेँगे ? अथवा गिताका सरल भाव ।

जानिये, भगवान से कुछ मांगना (मनोकामना) गलत क्यो है ?

जानिये, कौनसे "शास्त्र" और "वेद" तथा उपनिषद कीससे निर्माण हुये है ?

जानिये, "18 पुराणो" के निर्माता कौनसे ऋषी थे ?

"महानुभाव" या "जय क्रिष्णी" पंथ के बारे मेँ सज्जनोँ की राय ।

क्या 'हिंदु' ये शब्द "गिता" मेँ लिखा है ।

भगवान श्री दत्तात्रेय परमेश्वर अवतार हैं, फिर भी उन्हेँ क्योँ ब्रम्हा - विष्णू - महेश का अवतार माना जाता हैँ ?

जानिये "धर्म" क्या हैँ ? और "अधर्म" क्या हैँ ? तथा "ज्ञान" और "अज्ञान" किसे कहते हैँ ?

जानिये "कर्तव्य कर्म" कौन से हैँ ? और "अकर्तव्य कर्म" कौन से हैँ ?